पाठ 11
इस्राएल के त्योहर
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ईवर के अन ु ह से भरपरू कनान देश म इाएल जनता खश ु ी सेअपना जीवन बतानेलगी। कठनाइयाँसमात हो ग। लबेइंतजार के बाद उह सौभाय के दन मल गये । वेजानतेथेक भ ुईवर नेह यह सब अन ु ह उहदान कया है । भ ुईवर नेउनके लए जो कायकयेहउनका मरण करनेके लए, इन अन ु ह के त आभार यत करनेके लए और अपनी गलतय के कारण माफ माँगनेके लए इाएल जनता अलग अलग योहार मनानेलगी। लेकन इाएल के आयािमक जीवन महर सताह के वाम दवस को ह वेपव दन के प ममनातेथे(नगम न 20:8-10)। येयोहार मि ु त-योजना के मख ु घटनाओं का मरण दलातेथेऔर इन घटनाओं से ेरणा पाकर जीवन बतानेममदद करतेथे । तरुह और नरसघं ा बजातेह ु ए, भ ुईवर को तरह तरह क बल चढ़ातेह ु ए, वे योहार मनातेथे । उनके मख ु योहार का ववरण नीचेदया गया है ।
पाका (फसह) पव
इाएल जनता के पय मसबसेमहवपण ू था पाका पव| म क गल ु ामी से इाएल जनता को ईवर नेचमकारक प सेम ुत कया; पाका पवमउस घटना को याद कया करतेथे ।
म देश सेबाहर आनेके बाद दसू रे वषके पहलेमहनेमभ ु नेसीनई के उजाड़खड ममसू ा सेकहा, इाएल नधारत समय पर पाका पवमनाएं । इसी महनेके चौदहवदन क शाम को सब नयम और आदेश के अनसु ार पाका पवमनाओ। यह बात मसू ा नेइाएलय को बतायी। इस कार उहने सीनई के उजाड़खड मपाका पवमनाया (गणना 9:1-5)।
हर साल ‘नीसान' नामक पहलेमहनेक चौदहवीं तारख क शाम को इाएल पाका भोज खातेथे । उसके लए चार दन पहलेह मेमनेको चन ु लेना था। चौदहवीं तारख सय ू ात के समय मेमनेको बल चढ़ाना था। मेमनेका रत चौखट और वार के दोन बाजओ ु ं पर छड़कना था। माँस पका कर बेख़मीर रोट और कड़वी भाजी के साथ खाना था। पाका भोज जद सेखाना चाहए था।
शवर पव
भ ु नेमसू ा सेकहा, इाएलय सेकहो क सातवमहनेके पहवदन से सात दन तक भ ु के आदर मशवर पवहोगा।... सात दन तक तम ु तबओ ु ं म रहोगे । सभी इाएलय को तबओ ु ं म रहना है, िजससेभावी पीढ़याँयह जान जायक जब मम सेइाएलय को लेचला था, तब वेतबओ ु ं म रहतेथे(लेव 23:33–43)।
इाएलय के बीच यह पवबह ु त चलत था। खजरू क डालयाँऔर वृ क डालयाँउठातेह ु ए धम ू -धाम सेवेशवर पवमनातेथे । परवार के सदय के साथ साथ वदेशी, अनाथ और वधवाएँभी इसमभाग लेतेथे । योहार के दन मवेभ ु को अनेक बलयां चढ़ातेथे । यह फसल - कटाई का एक योहार भी था। साल के अतं मएकत क गई फसल वेभ ु को चढ़ातेथे । इस अवसर पर वेईवर पर, जो उनका सरं क है, अपना ववास दहुरातेथे । फसल - कटाई के समय वेतब ू बनाकर उनमरहतेह ु ए शवर का पवमनाते थे ।
पतकोत े पव
फसल क कटाई ारभ होने के पचासव दन वे पतकोत पव मनाते थे । ‘पतके ोत' शद का अथ हैपचासवाँ दन। कटाई का योहार, सताह का योहार, थम फल का योहार - इन नाम सेभी यह पव जाना जाता था। फसल के थम फल वेइस पवमईवर को चढ़ातेथे । हर काम सेम ुत होकर बल चढ़ानेके लए ह अलग रखा ह ु आ दन था वह। समहू के उपेत लोग को भी इस पवमशामल करते थे ।
पाप-परहार का दवस
इाएल जनता ईवर के आदेशानसु ार पाप के ायिचत का दन मनाती थी। एक इानी शद ‘यकपरू' से इस दन का वशषे नाम था। भ ुईवर क पवता एवं इाएलय क पापमय अवथा को यकपरू शद स ू चत करता है ।लोग को आपस ममेलमलाप करना और ईवर सेमांफ माँगना चाहए। इसके लए अवसर था पाप-परहार का दवस।
कनान देश क ओर याा क वेला म और कनान देश पह ु ँचने के बाद भी इाएलय के लए योहार महवपण ू थे । भ ु क कणा का आभार यत करनेके लए उहनेइन अवसर का उपयोग कया। नयेवधान क जनता, कलसया, मभी कई कार के पव ह । उनमअधक महवपण ू हहमारेभ ु ईसा सेसबिधत।
कलसया के पव
मसीह जयती
मसीह जयती या तमस मसीह के जम क याद दलाता है । मानव जात को मि ु त दान करनेके लए ईवर के प ु ईसा नेमन ु य बनकर जम लया; इसक म ृत का दन हैतमस। दसबर 25 को सार द ु नया मतमस मनाया जाता है ।
दनहा पव(पकटकरण)
दनहा या कटकरण पवईसा के बपतमा का मरण दलाता है । जनवर छ: तारख को कलसया यह पव मनाती है ।
पाका पव
पाका पवकलसया मवशषे प सेमनाया जाता है । सयोन शाला मशय के साथ ईसा का गया अं तम याल ू पाका भोज था। उस समय भ ु नेपव बलदान (परम साद) क थापना क; उसका मरण हम पाका पवमकरते ह
पन ु थान पव
ईसा मसीह के दः ु ख–भोग, सलब पर क मृ य,ुदफन और तीसरेदन जी उठने का मरण हैपन ु थान पव या ईटर। इसको ‘पय का पव' कहतेह । ईटर पव क तयै ार मपचास दन का उपवासकाल मनानेका रवाज है । ईवर क मि ु त योजना के पतू करण के प मयह पवबह ु त ह महवपण ू ह
वगारोहण पव
पन ु थान के चालसवदन ईसा का वगारोहण ह ु आ; उसका मरण हैयह पव। ईसा नेमन ु य बनकर इस भ ू म मजम लया और मानव मि ु त का काय परू ा करनेके बाद वेपता ईवर के दाहनेवराजमान हो गये । यह पवहमईसा क याद दलाता हैजो वगमहमारेलए थान तयै ार करतेह
पतके ोत पव
वगारोहरण के दसवदन पवामा ेरत पर आग क जीभ के प मउर आया; यह घटना इस पवका आधार है । कलसया का औपचारक उघाटन भी उसी दन ह ु आ था। कलसया म रहने और उसका सचं ालन करनेके लए पवामा को भेजनेका मरण इस पवमहै । कलसया और उसक सतं ान म पवामा क चेतना भरनेमयह पवसहायक है । ईसा सेसबिधत और कई पवकलसया मनाती है । माता मरयम और सतं के अनेक पव मनानेका रवाज भी है । पव के दन पव दवस के प म कलसया मनाती है । उनमउमगं के साथ भाग लेनेसेहम ईवर को धयवाद देतेह । जब येक योहार का अथऔर सदं ेश जानकर उसेमनातेहतभी वह हमार आयािमक उनत के लए उपयोगी होता है |
हम ाथना कर
ेभ ुईवर, इाएलय नेआपके अन ु ह का मरण करके
आपको धयवाद दया; उनके जसै ेआपसेहमात सभी अन ु ह |
के त आभार कट करना हमसखा द
हम गाय
सतं ोषदायी योहार के दन ।
याद के फ ू ल खलतेउस दन
इसराएल का महान योहार
फसह जान, याद हम करत। े ।।
शवर पवमकटनी के फल
आनदपव ू क भ ु को चढ़ाते
पेतके ोत पचासवदन ।
योहार मनानेसब जन मलने ।।
पापनवारण ायिचत दन म
पाप भाव को हम छोडतेह
मेल-मलाप क राह हम ढू ंढे
अनतु ाप सह हम आगेबढ़े ।।।
कमस, ईटर मसीह जीवन को
नजर के सामनेधय बनाते
योहार सारेआम शु ध का
स ुदर अवसर हमको दलात। े ।
ईश वचन पढ़ेऔर वणन कर
इाएल जनता पाका पव
कैसेमनाती थी (नगम न 12:1-28)
मागद शन के लए एक पव वचन
"भ ु के आदर मनया गीत गाओ,
उसनेअपव ू कायकयेह" (तो 98:1)।
हम कर
जोड़ी बनाइए
1. पाका पव पचासवांदन
2. बेखमीर रोट का पव याकपरू
3. शवर पव पव का पव
4. पतके ोत पव दसबर 25
5. पाप-परहार का दवस फसल काटनेका आरभ
6. मसीह जयती तबओ ु ंमरहतेह
7. पन ु थान पव पार हो जाना
मेरा सकं प
कलसया के पव मऔर
समारोह ममभितपव ू क भाग लगं ू ा/गी।