• कनान देश क ओर क याा के बीच इाएल लोग सीनई मभ ू म पह ु ँचे । म देश सेनकलनेके तीसरेमहनेके पहलेदन वेवहाँपह ु ँचे । पहाड़ के सामनेह उहनेपड़ाव डाला।

    भ ु ने सीनई पहाड़ सेमसू ा को बल ु ाकर कहा, "तम ु याक ू ब के घरानेसेयह कहोगेऔर इाएल प ु को यह बता दोगे- तम ु लोग नेवयंदेखा हैक मन े म के साथ या-या कया और मकस तरह तम ु लोग को गड़ के पखं पर बठै ाकर यहाँअपने पास लेआया। यद तम ु मेर बात मानोगेऔर मेरे वधान के अनसु ार चलोगे, तो तम ु सब रा म से मेर अपनी जा बन जाओगे, यक समत प ृ वी मेर है । तम ु मेरेलए याजक का राजवशं तथा पव रा बन जाओगे । यह सदेश इाएल के प ु को सन ु ाओ” (नगम न 19:3–6)।

    मसू ा नेजाकर जनता के नेताओंको बल ु ाया और जो क ु छ भ ु नेउससेकहा था, वह सब उनके सामनेततु कया। सब लोग नेएक वर सेयह उर दया, 'ईवर जो क ु छ कहता है, हम वह सब परू ा करगे । मसू ा नेभ ु को लोग का उर सन ु ा दया (नगम न 19:7-8)।

    ईवर क जनता का पवीकरण

     

    भ ु नेमसू ा सेकहा - तम ु लोग के पास जाकर आदेश दो क वेआज और कल अपनेको पव करऔर अपनेव धो ल । वेपरस के लए अपनेको तयै ार कर, यक परस भ ुसभी लोग के सामनेसीनई पवत पर उतरेगा (नगम न 19:10-11)।

    मसू ा नेलोग को पव कया। उहनेअपनेकपड़ेधो लये । जसै ेमसू ा नेकहा था उहनेअपनेको पव कया। वेअपनेसामनेउतर आनेवालेईवर को वीकार करनेके लए तयै ार रहे ।

    ईवर सीनई पवत पर

     

    तीसरेदन ातःकाल वादल गरजे, बजल चमक, पवत पर कालेबादल छा गयेऔर तरुह का चड ननाद सन ु ाई पड़ा। शवर मसभी लोग काँपनेलगे । जब ईवर मेघगजन और तरुह के चड ननाद के साथ पवत पर उतरा तब इाएल लोग भयभीत होकर काँपनेलगे । वेदरू खड़ेहो गये । ईवर को देखने और ईवर क आवाज़ सन ु नेसेवेडरतेथे । भ ुईवर क अपार महमा का सीधेदशन करनेका साहस उनमनहं था। वे मसू ा सेकहनेलगे, आप हमसे बोलए और हम आपक बात सन ु गे, कतुईवर हमसेनहं बोले(नगम न 20:19)।

    मसू ा पवत क चोट पर चला गया। अिन के प मउतरेईवर नेमसू ा सेबात कं ; दस आाएँदं । ईवर के अपनेजन बनेरहनेके लयेइाएलय को िजन बात का पालन करना था, वेसब उनमसमाहत थी। ं ईवर और इाएल के आपसी सबं धं का माण थींमसू ा वारा ईवर क द ह ुई आाएँ ।

    मसू ा नेजनता के पास जाकर ईवर क कह ह ुई बातसन ु ायीं । वेसार बात नगम न ंथ के बीसव अयाय म वततृ प म लखी ह ुई ह ।... मभ,ु त ुहारा ईवर ह ू ँ ।... मेरे सवा त ुहारा कोई ईवर नहं होगा।... भ,ु अपने ईवर, का नाम यथ मत लो... वाम- दवस को पव माननेका यान रखो। तम ु छ: दन तक परम करतेरहो और अपना सब काम करो; परतु सातवाँ दन त ुहारे भ ुईवर के आदर म वाम का दन है । ... अपने माता-पता का आदर करो, िजससेतम ु बह ु त दन तक उस भ ू म पर जीतेरहो, िजसेत ुहारा भ-ु ईवर त ुहदान करेगा। हया मत करो। यभचार मत करो। चोर मत करो। अपने पड़ोसी के वध झठू गवाह मत दो। अपने पड़ोसी के घर–बार का लालच मत करो। न तो अपनेपड़ोसी क पनी का, न उसके नौकर अथवा नौकरानी का, न उसके बलै अथवा गधेका – उसक कसी भी चीज का लालच मत करो (नगम न 20:1-17)

    आाएँद जाती ह 

     

    भ ु नेमसू ा सेकहा, मेरेपास पवत पर चढ़ो और वहाँतीा करो। मत ुह पथर क पाटयाँदंग ू ा, िजन पर लोग को शा देनेके लयेमन ेवध और आाएँअं कत क ह(नगम न 24:12)। मसू ा अपनेसेवक योशआ ु के साथ चलकर सीनई पवत पर गया। इसके पहलेइाएलय का दायव हान को सपा। मसू ा चालस दन और चालस रात तक पहाड़ पर रहा। उन दन भ ु क महमा वहाँदखाई देती थी। ईवर नेमसू ा को बह ु त सी बातसन ु ायीं : उन नयम एवंवधय का ववरण दया िजनका इाएलय को पालन करना था। भ ु के आदर म वाम-दवस मनाने के बारे म भी नदश दये । सबका ववरण होनेके बाद, ईवर नेमसू ा को वधान क दो पाटयाँदं । ईवर ने अपनी उँगल सेलखी ह ुई पथर क दो पाटयाँमसू ा को दं । उनके दोन तरफ लखा ह ु आ था।

    वधान का नधारण

     

    मसू ा वारा ईवर नेजो नयम दयेथेउहइाएलय नेखश ु ी सेवीकार कया। मसू ा ने ईवर के लए बल चढ़ायी। बल के रत से वधान का नधारण कया। मसू ा नेबल का आधा रत पा मइकठा कया और आधा वेद पर छड़का। फर उसनेवधान का थ लया और उसेलोग को पढ़ सन ु ाया। लोग नेउर दया : भ ु नेजो क ु छ कहा है, हम उसका पालन करगे और आाकार रहगे । इसपर मसू ा ने रत ले लया और उसे लोग पर छड़कतेह ु ए कहा, "यह उस वधान का रत है, िजसेभ ु नेउन सब आदेश के मायम सेतम ु लोग के लयेनधारत कया था (नगम न 24:6-8)।।

    नेहमय पता ईवर वारा अपनी सतान को यानपव ू क दया गया तोहफा है । आाएँ । आाओं को खश ु ी सेवीकार करके नठापव ू क उनका पालन करना इाएलय का कत य था। मसू ा नेयेबातउनको पट प सेबतायी थीं । उहनेमसू ा को वचन दया क वेइन सबका पालन करगे । इसके बाद ह मसू ा नेवधान पर महुर लगाई थी। इसके बाद ह उसने सीनई पहाड़ पर चढ़कर ईवर सेवधान क पटयाँवीकार क थीं ।

    काफ तयै ार के बाद ह इाएल लोग ने ईवर के साथ वधान नधारत कया था। इसके वारा वेईवर क जनता बन गये । “मत ुह अपनी जा मानगं ू ा और त ुहारा ईवर होऊँगा” (नगम न 6:7)। वधान सबधी यह वाय इस कार परू ा ह ु आ।

    नया वधान और नयी आ

     

    नये इाएल, यानी कलसया, का उदय एक नये वधान के साथ ह ु आ। ईवर–प ु ईसा के वारा ह इस वधान का नधारण ह ु आ है । सयोन शाला म अं तम याल ू क वेला मेम क नयी आा देनेके बाद ईसा नेइस वधान क थापना क (म 26-27-28)।

    ईसा क द ह ुई नयी आा यह है, 'िजस कार मन ेतम ु लोग को यार कया, उसी कार तम ु भी एक दसू रे को यार करो। यद तम ु एक दसू रेको यार करोगे तो उसी से सब लोग जान जायग े क तम ु मेरे शय हो’ (योहन 13:34-35)।

    परु ानी आाओं और परु ानेवधान क प ूतके लयेह ईसा आया था। उहने नयी आा द, नया वधान नधारत कया। ईसा वारा द ह ुई ेम क आा का पालन करना हम कलसया क सतं ान का कत य है । ईसा क ेम क आा इस द ु नया को ात सभी आाओं से बेहतर है । चं ू क हम जो वगर ाय को लय बनाकर सफर करते ह, हम पालन करने क सबसे महवपण ू आा हैईसा क ेम क आा ।

    हम ाथन ा कर

     

    हेभ,ु आपनेकहा है, जसै ेमन ेत ुह यार कया वसै ेतम ु भी एक दसूरे

    को यार करो। आपक इस ेम क आा का पालन करतेह ु ए जीने के

    लए हमार सहायता किजए।

     

    हम गाय

     

    अनी समान भ ु परमेवर

    उस गर ऊपर खडा रहा

    दस आाओंका जो फलक

    प ृ वी पर के मानव को दया।।

    फलक मसू ा हाथ मलया

    उस पवत के नीचेउतरा आाओंका ववरण दे दया

    सब लोग नेउसको सन ु लया।।

    सतं ोष के सह इाएल ने ।

    उस फलक को वीकार कया

    नय करार के सम माना

    मसू ा नेकया भ ु का बलदान।।

     

    ईश वचन पढ़ेऔर वणन कर

     

    सीनई पहाड़ पर उतरकर इाएलय के साथ ईवर

    वारा कया गया वधान (नगम न 20:1-17)।

     

    मागदश न के लए एक पव वचन

     

    “जो मझु ेयार करतेहऔर मेर आाओंका

    पालन करतेह, महजार पीढ़य तक उनपर

    दया करता ह ू ँ" (नगम न 20:6)।

     

    हम कर

     

    कंठथ क गई दस आाएँलखए।

     

    मेरा सकं प

     

    ईवर क आाओंका पालन करतेह ु ए ईवर क जनता

    बने इाएलय के समान मभी ईवर क आाओं का

    पालन करके उनका बेटा/बेट बनकर िजऊँगा/गी।