पाठ 5
ईश्वर मुक्तिदाता का वादा करता
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ईश्वर ने उन्हें अदन वाटिका से निकाल दिया।
मनुष्य को उस भूमि पर खेती करनी पड़ी, जिसमें से उसे बनाया
गया था। (उत्पत्ति 3:23)
अदन वाटिका से निकाले गए आदम और हेवा को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कांटों और ऊँटकटारों से भरी हुई मिट्टी में काम किया। भोजन के लिए उन्होंने पसीना बहाकर कठोर परिश्रम किया। आदम और हेवा ने बहुत दर्द सहन किया, फिर भी ईश्वर के दर्शन उन्हें नहीं मिले। पर आदम और हेवा के कष्ट-संकटों को देखकर ईश्वर को बहुत करुणा आयी। पाप करने पर भी ईश्वर ने उन्हें नहीं छोड़ा क्योंकि ईश्वर उनको प्रेम करते हैं।
उन्हें बचाने के लिए ईश्वर ने एक मुक्तिदाता को भेजने का वादा किया | पाप के कारण मनुष्य ईश्वर से दूर हो गया। फिर भी ईश्वर ने उन्हें नहीं छोडा, उन पर दया दिखायी। ईश्वर द्वारा भेजे गए मुक्तिदाता ईसा हैं जिनका जन्म कुँवारी मरियम से हुआ।
ईश्वर करूणावान हैं।
वह सबको प्रेम करता हैं।
दुहराकर रंग भरियेंः
ईश्वर करूणामय हैं ।
हुम गायें
आदि पिता ने आज्ञा तोडी
ईश ने उनको दण्ड दिया।
आधि व्याधि नाना तरह की
सहने आयी जीवन में।
फिर भी ईश ने वचन दिया
नर को मुक्ति दिलाने को
समय पूर्ती में वह आयेगा
संकटों को दूर करने को।
इनाम पेटी में क्या है ?
नीचे के शब्दों को ढूंढ कर, इनाम पेटी के
चारों भागों में रंग से लिखिए।
मुण्डी में है, मण्डी में नहीं
शक्ति में है, बल में नहीं
दानव में है, मानव में नहीं
तामस में है, तमस में नहीं
उत्तर… ......
हुम याद करें
ईश्वर कितना भला है। उसका प्रेम चिरस्थायी है।
उसकी सत्य-प्रतिज्ञता युगानुयुग बनी रहती है। (स्तोत्र 100:5)
शब्द-पेटी से शब्द निकालकर शब्दचक्र को पूर्ण कीजिये।
करूणा दिखाता है।
ईश्वर
क्षमा करता है
करुणा दिखाता है
प्रेम करता है
मुक्ति देता है
हम प्रार्थना करें
हे करुणामय ईश्वर, आपने मुक्तिदाता को
देने के लिए वादा किया।
इस महान प्रेम के प्रति हम आपको धन्यवाद देते हैं।
मेरा फैसला
जो मेरे साथ झगड़ा करते हैं उनके साथ
मैं प्रेम से व्यवहार करूंगा/गी।