पाठ 15
पुनरुत्थित ईसा
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ईसा की मृत्यु के बाद अरिमथिया के यूसुफ ने और निकोदेमुस ने मिलकर ईसा का शरीर उठाकर कब्र में रख दिया। कब्र के द्वार पर एक बड़ा पत्थर भी लुढका दिया। ईसा के शिष्य लोग उनके शरीर को चोरी न करें, इस डर से शत्रु लोगों ने कब्र पर पहरा दिया।
ईसा की मृत्यु के बाद तीसरे दिन रविवार, पौ फटते ही कुछ भक्त स्त्रियाँ सुगन्धित द्रव्य लेकर कब्र के पास आईं। कब्र का पत्थर अलग लुढकाया हुआ था और उन्होंने उजले वस्त्र पहने दो स्वर्गदूतों को कब्र के अन्दर बैठा हुआ देखा।
(योहन 20: 12)
उन्होंने यह शुभ संन्देश स्त्रियों को सुनाया कि ईसा जी उठे हैं। उसके बाद ईसा ने मग्दलेना मरियम को दर्शन दिये। बाद में ईसा ने अपने शिष्यों को भी दर्शन दिये। ईसा ने उनसे कहाः “तुम्हें शांति मिले”।
पूनरुथान पर्व (ईस्टर) प्रभु ईसा मसीह के पुनरुथान की यादगार है ।
ईसा जी उठने के बाद चालिस दिन तक शिष्यों को दर्शन दिया करते थे। चालिसवें दिन फिर शिष्यों को दिखाई दिया और हाथ उठा के उन्हें आशिष दी बाद में वे स्वर्ग में आरोहित कर लिये गये । (लूकस 24:51)
ईसा हमारे लिए मरे और जी उठे। ईसा का पुनरुत्थान हमें यह बात सिद्ध करता है कि ईसा ईश्वर के पुत्र हैं। हम भी यह स्वीकार करें कि ईसा हमारे प्रभु एवं ईश्वर हैं। स्वर्गारोहित ईसा के द्वारा हम भी स्वर्ग में पिता ईश्वर के यहाँ पहुँच पायें।
हम गायेंः
स्तुति हम करते हैं, प्रभुजी
महिमा गाते हैं।
ईसा मसीह सबके प्रभुजी
जयगान गाते हैं।
तू ही देता है तन को पुनर्जीवन
तू ही करता है आत्मा का उद्धार ।
हर एक घटना को क्रमानुसार अंक 1,2... लिखिए।
ईसा ने शिष्यों को दर्शन दिया।
सुगन्धित द्रव्यों के साथ स्त्रियाँ कब्र के पास आयीं।
ईसा ने मग्दलेना मरियम को दर्शन दिया।
ईसा के पुनरुत्थान की खुश खबर स्वर्गदूतों ने स्त्रियों को सुनायी।
ईसा का स्वर्गारोहण हुआ।
हम प्रार्थना करें
हे ईसा, मेरे प्रभु और ईश्वर, स्वर्ग में पिता ईश्वर के पास
पहुँचने के लिए मुझे आशिष दीजिये।
ईसा का सह वचन दुहराकर विभिन्न रंगों में लिखिये
“तुम्हें शांति मिले"
हम अनुकरण करें
स्वर्ग में आरोहित ईसा के पास पहुँचने के लिए
हम भी स्वर्ग को अपना लक्ष्य बनायें
और भलाई का जीवन बितायें।