• ईसा के वचन सुनने और चंगाई प्राप्त करने के लिए उनके पास आने वालों की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही थी। उनका उपदेश लोगों को अच्छा लगता था।

     

    ईसा ने बहुत चमत्कार किये ।

    कई लोगों ने ईसा में विश्वास किया।

     

    यहूदियों के नेताओं को ईसा से द्वेष होने लगा। उनको यूँ ही डर था कि लोग ईसा को राजा बनायेंगे। इसलिए उन्होंने ईसा को मार डालने के लिए षडयंत्र रचा। ईसा के शिष्य यूदस इस्कारियोती ने विश्वासघात करके ईसा को शत्रुओं के हवाले कर दिया । शत्रुओं ने ईसा को पकडाः वे उन्हें और अधिकारियों के सामने ले आये और उनपर झूठे आरोप लगाने लगे। ईसा को सलीब पर मरवा डालने के लिए उन्होंने आग्रह किया।

    पिलातुस ने ईसा को क्रूस पर चढ़ाने का आदेश दिया। सैनिक ईसा को बडी क्रूरता से सताने लगे। उनको कोडे लगवाये, चेहरे पर थूक दिया, कांटों का मुकुट पहनाया और उनके सामने घुटने टेककर यह कहते हुए उनका उपहास

    किया "यहूदियों के राजा प्रणाम”। उनके कन्धे पर भारी कूस रख कर हुए उसे ढ़ोने दिया। ईसा ने सब दुःख संकटों को मौन होकर सहन किया।

    गोलगोथा पहुँच कर ईसा को क्रूस पर लिटाकर सिपाहियों ने उनके हाथों और पैरों को कीलों से ठोका।

    ईसा की दायी और बायीं ओर दो डाकूओं को भी कूस पर चढाया।

    ईसा के क्रूस के ऊपर ऐसा लिखा गयाः

     

    "ईसा नाज़री, यहूदियों का राजा”

    क्रूस पर टंगे हुए तीन घंटों तक ईसा ने अत्यन्त प्राण पीडा

    सहन की। उस दर्दनात्मक समय में भी ईसा ने अपने बैरियों

    के लिए प्रार्थना की: "हे पिता, इन्हें क्षमा कर” | उसके बाद

    ईसा ने सिर झुकाकर प्राण त्याग दिये।

     

    वह शुक्रवार का दिन था।

    हमारी मुक्ति के लिए ईसा क्रूस पर मरे। हम ईसा को प्यार

    करें। अपराधों द्वारा हम ईसा को दुःखी न बनायें।

    ईसा की मृत्यु का स्मरण हम । पवित्र शुक्रवार (पीड़ा सहन का शुक्रवार) को मनाते हैं।

    ईसा के दुःखभोग, मटण और पुनरूत्थान की स्मृति में हम पवित्र सप्ताह में यह प्रार्थना बोलते हैं।

    मसीह हमारे लिए मरण तक आज्ञाकारी बने। हाँ! क्रूस मरण तक, आज्ञाकारी बन कर अपने को और भी दीन बना लिया। इसलिए ईश्वर ने उन्हें महान बनाया और उनको वह नाम प्रदान किया जो सब नामों में श्रेष्ठ है।

     

    हम प्रार्थना करें

     

    हे ईश्वर, हमारे प्रभु ईसा मसीह ने शत्रुओं के हवाले होकर जिस परिवार के लिए क्रूस की पीड़ा सहन की उस पर दया कीजिये। यह प्रार्थना  हम करते हैं, उसी मसीह के द्वारा जो सदा आपके साथ जीते और राज्य करते हैं। आमेन ।

     

    हुम गायेंः

     

    क्रूस से तूने बचाया दुनिया को

    वन्दन करते हम तव चरणों को।


     

    ईसा की क्रूस पर की

    यह प्रार्थना पूरी कीजियेः

    ........ इन्हें...............

    खाली स्थान भरिये

    ईसा ने सभी को प्रेम किया । मैं भी ईसा के समान ... ........................

    ईसा ने सभी को क्षमा किया । मैं भी ईसा के समान ... ........... .....

    ईसा ने सभी की भलाई की । मैं भी ईसा के समान ... .......... ..... ......

    हम अनुकरण करें

     

    जिस प्रकार ईसा ने उन लोगों को क्षमा किया

    जिन्होंने उन्हें क्रूस पर चढ़ाया था उसी प्रकार हम

    भी अपने सताने वालों को क्षमा करें।