• माताएं अपने बच्चों को ईसा के पास ले आयीं

    ताकि ईसा उनपर हाथ रखकर प्रार्थना करें।

    लेकिन शिष्यों ने उन्हें रोका। तब ईसा ने कहा

    “बच्चों को मेरे पास आने दो, उन्हें मत रोको,

    क्योंकि ईश्वर का राज्य उन-जैसे लोगों का है।”  

    (लूकस 18:16)

    ईसा ने अपने पास आये हुए बच्चों

    पर हाथ रखकर उन्हें आशिष प्रदान की ।

     

    हम गायें

     

    प्यार की मूर्ति प्रभु ईसा

    प्यारे तेरे नन्हे हम

    प्रभु चरणों में आते हम

    दे दे हम को आशिष दान।

     

    बच्चों को पास आने दे

    मेरे पास में रहने दे

    मुझ से सब कुछ सीखने दे

    भलाई करते बढ़ने दे।

    ईसा की आशिष पाने वाले बच्चो

    अगर आप भी ईश्वर की आशिष पाना चाहते हैं तो नाम लिखिए।

    ईसा बच्चों को बहुत प्यार करते हैं।

    वे मुझे भी प्यार करते हैं। मुझे अनुग्रह देते हैं।

    मैं हमेशा ईसा के साथ रहूँगा।

     

    हाथ जोड़ें

     

    हे ईसा, आप बच्चों को प्यार करते हैं।

    मैं आपको प्यार करता हूँ।

     

    हम गायें

     

    नन्हे मन की पीड़ा को

    हल करने तू आया मसीह

    सान्त्वना देता मानव को

    सान्त्वनादाता तू है मसीह।

    बालक बनकर तू जन्मा

    बालक बनकर तू ने कहा

    बालक ईसा, तू आ जा

    मेरे दिल में तू आ जा।

     

    नाम लिखें

    ईसा मसीह की आशिष पाने के लिए आप किन-किन मित्रों को साथ ले आयेंगे ?

    उनके नाम लिखिए।

     

    याद करें

     

    “बच्चों को मेरे पास आने दो, उन्हें मत रोको “

    (लूकस 18:16)