• ईसा अपने माता-पिता के साथ मन्दिर में जाया करते थे।

     

    ईश्वर का स्तुतिगान करने,

    ईश्वरीय वचन सुनने,

    पवित्र पर्व में भाग लेने।

     

    हम गायें

     

    ऊँचे स्वर से गायेंगे हम

    जीवित प्रभु का महिमा गान

    हे पावन ईश्वर

    हे पावन शक्तिमान

    हे पावन अमर

    हम पर दया कर।

     

    रंग भरें

     

    नीचे दिये गये मन्दिर की रूपरेखा में रंग भरें

     

    ईश्वर का निवास स्थान है ईश-मन्दिर (गिरजाघर/देवालय)।

    वहाँ सब लोग मिलकर एक साथ ईश्वर की आराधना करते हैं,

    ईश-वचन सुनते हैं, ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।

    ईसा के समान मैं भी अपने माता-पिता के साथ ईश-मन्दिर जाऊँगा |

     

    उचित शब्द चुन लीजिए

    मैं ईश्वर की  ..........

    ईश्वरीय वचन ............

    ईश्वर से  ..........

    (सुनूंगा, प्रार्थना करूंगा, स्तुति करूंगा) |

     

    हाथ जोड़ें

     

    हे ईसा, ईश मन्दिर में श्रद्धा-भक्ति के साथ

    व्यवहार करने में मेरी सहायता कीजिए।

     

    हुम गायें

     

    कितना मोहन कितना सुन्दर

    तेरा पावन धाम मनोहर

    तेरे धाम में जो रहते हैं

    वे सब कितने भाग्यवान हैं।

    नयन जो मेरे, दिव्य शोभा देखें

    कान जो मेरे, दिव्य वाणी सुनें

    अन्य स्थानों के हजार दिनों से

    तेरे धाम का इक दिन काम्य है।

     

    रास्ता दिखायें

     

    ईश-मन्दिर जाने का रास्ता ढूँढ़ते इस लड़के की सहायता करोगे ?

     

    मेरे पेरीश (पल्ली) का नाम

     

    याद करें

     

    प्रभु के मन्दिर में उसकी स्तुति करो।

    (स्तोत्र, 150:1)