पाठ-2
ईश्वर ने सबकी रचना की
-
विशाल आकाश, प्रकाशमान सूर्यमण्डल,
जगमगाता तारामण्डल, चन्द्रमा की चांदनी,
फलदायनी धरती, बगिया, चिड़िया,
झरिया, नदिया,
भूचर, वनचर, जानवर,
मकर, जलचर, सागर।
‘इन सबकी रचना
ईश्वर ने की”
ईश्वर की इन सृष्टियों में रंग भरें।
दोहरायें
आदि में ईश्वर ने आकाश और
पृथ्वी की सृष्टि की
(उत्पत्ति 1:1)
ईश्वर ने शून्यता से
सबकी सृष्टि की।
इसलिए ईश्वर
सर्वशक्तिमान है।
हाथ जोड़ें
हे सर्वशक्तिमान ईश्वर,
आपने जिन जीव-जंतुओं को बनाया है,
उनके साथ हम आप की स्तुति करते हैं।
हम गायें
ईश्वर मेरा है बलवान
उसने किया है सब निर्माण
सृष्टि सारी ईश्वर दान
महिमा पूरित सुन्दर दान।
जानो ईश्वर की शक्ति
ईश्वर ने सबकी रचना की
ईश्वर की हम स्तुति गायें
ईश्वर का गुण मिल गायें।
नीचे के बिन्दुओं में एक सुन्दर जानवर छिपा हुआ है।
बिन्दुओं को जोड़कर उसे ढूंढ निकालें।
याद करें
आदि में ईश्वर ने आकाश
और पृथ्वी की सृष्टि की।
(उत्पत्ति 1:1)