पाठ-1
कितना सुन्दर है यह संसार !
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कितने रंग! कितने सुन्दर!
पीले, नीले, लाल, गुलाबी
छोटे बड़े, खूबसूरत हैं सुगंधित एवं सुगंध रहित
खुशबूदार है सारे फूल।
हरी-भरी घास, सुन्दर फूल
सुन्दर लताएं, वनस्पतियां
सुन्दर पृथ्वी, सुन्दर गगन
सुन्दर रचना ईश्वर की।
ईश्वर की सृष्टि कितनी सुन्दर
नीचे प्रस्तुत किए गए जीव-जंतुओं के नाम बताइए।
दिन में प्रकाश फैलाने के लिए सूरज।
रात को रोशनी देने के लिए चांद, सितारे।
गाती कोयलें, नाचते मयूर - ये सब कितने खूबसूरत हैं!
मीठे मीठे एवं स्वादिष्ट फल! वाह ... वाह ...।
हम गायें
ओस तुषारो, चांद सितारो
गर्मी अग्नि, शीत हवाओ
आओ गाओ प्रभु गुण गाओ
परमोन्नत की स्तुति गाओ
हाथ जोड़े
हे ईश्वर, आपने बहुत ही सुन्दर
सृष्टि की रचना की।
आपको धन्यवाद
हम करें : क्या आप इस टोकरी के फलों को रंग दे सकते हैं ?
हम गायें
हाथ उठाकर स्तुति गाओ
हाथ हिलाकर स्तुति गाओ
सबके प्रभुवर ईश्वर को
हाथ जोड प्रणाम करो
सारी सृष्टि नमन करो।
नन्हे मुन्ने प्यारे बच्चो
हाथ फैलाओ ताली बजाओ
परमोन्नत की स्तुति गाओ
सब मिल प्रभु के गुण गाओ
हाथ जोड प्रणाम करो
सारी सृष्टि नमन करो।
हम याद करें
प्रभु की स्तुति करें, क्योंकि वह भला है।
(स्तोत्र 107:1)